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Yashodhan Waghmare

Romance

3  

Yashodhan Waghmare

Romance

रात बाकी है

रात बाकी है

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रात बाकी है

शाम बाकी है

बीते ना ये दिन

कोई बात बाकी है।

लमहा लमहा बीत रहे

कुछ रूठ रहे, कुछ टूट रहे

जज्ब़ात बाकी हेै।

हर पल सताती

इन साँसों मे

तेरी आस बाकी है।

ना उम्मीदों की अंधेरी

हर गली में

भूल गया मैं सब....

बस तेरी याद बाकी है।

बस तेरी याद बाकी है।


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