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Rashmi Sahu

Abstract

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Rashmi Sahu

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प्यारी यारी अपनी

प्यारी यारी अपनी

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सिर्फ बेस्टीज नहीं हो तुम मेरी

तुम सब तो जान हो मेरी


ज़िन्दगी में सबसे खास हो मेरी

दिल के बहुत पास हो मेरी 


माना कि तुम शैतान हो थोड़ी

पर तुम ही तो मुस्कान हो मेरी 


माना कि नादान हो तुम थोड़ी

तुम ही अलग पहचान हो मेरी 


तुम पर तो सारी खुशियां कुर्बान हो मेरी

क्यूंकि तुम ही तो पूरा जहान हो मेरी। 


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