प्रतियोगिता में मोबाइल।
प्रतियोगिता में मोबाइल।
यारों आश्चर्य बहुत ही ज़्यादा होता है,
जब कोई भाई कहकर धोखा देता है।
प्रतियोगिता में जीतने पर इनाम नहीं,
पहले देने का वादा ही किया जाता है।
बार-बार कहने पर भी नहीं मिलता है,
स्पॉन्सर हुआ दग़ाबाज़ कहा जाता है।
बहुत ज़्यादा बेशर्म ये दुनिया हो गई है,
नीयत में खोट होता तो दग़ा मिलता है।
प्रतियोगिता में मोबाइल जीत गया था,
लगभग पाँच महीने ही टाला गया था।
स्पॉन्सर धोखेबाज़ बाद में ये कहा था,
स्पॉन्सर ने नकली मोबाइल भेजा था।
