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ऋता शेखर 'मधु'(Rita)

Inspirational

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ऋता शेखर 'मधु'(Rita)

Inspirational

परिवार (7th Nov)

परिवार (7th Nov)

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जग में आते ही मनुज, पाता है परिवार!

मात-पिता की गोद में, है सुन्दर संसार!!१


दादा-दादी प्यार से, सहलाते हैं गाल!

अच्छे हैं चाचा-बुआ, खेलें खूब उछाल!!२


नानीघर में छुट्टियाँ, बीत रही हैं मस्त!

तरह-तरह पकवान के, होते बंदोबस्त!!३


बड़े निराले भाई-बहन, प्यारे उनके खेल!

लूडो कैरम से रहे, हरदम उनका मेल!!४


बड़े हुए तो मिल गए, जीवन को नव रंग!

जीवन-साथी का मिला, जग में प्यारा संग!!५


फिर अपने परिवार में, आते हैं संतान!

उनका कल संवारकर,बढ़ता रहा वितान!!६


रिश्तेदारी दूर की, देते हैं उल्लास!

मिलें फिर या न भी मिलें, रहते दिल के पास!!७


रखना है परिवार से, हरदम नाता जोड़!

भले-बुरे हर वक्त में, उनको कभी न छोड़!!८


इस जग में परिवार तो, सुन्दर है वरदान!

रखना इतना ध्यान मनु, बना रहे सम्मान!!९


निभ जाता परिवार से, जब हो वहाँ न स्वार्थ!

मिले बैर या द्वेष तब, बनना पड़ता पार्थ!!१०


यही दुआ भगवान से, बना रहे परिवार!

देखभाल छाया मिले, मिले जगत में सार!!११


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