परिवार (7th Nov)
परिवार (7th Nov)
जग में आते ही मनुज, पाता है परिवार!
मात-पिता की गोद में, है सुन्दर संसार!!१
दादा-दादी प्यार से, सहलाते हैं गाल!
अच्छे हैं चाचा-बुआ, खेलें खूब उछाल!!२
नानीघर में छुट्टियाँ, बीत रही हैं मस्त!
तरह-तरह पकवान के, होते बंदोबस्त!!३
बड़े निराले भाई-बहन, प्यारे उनके खेल!
लूडो कैरम से रहे, हरदम उनका मेल!!४
बड़े हुए तो मिल गए, जीवन को नव रंग!
जीवन-साथी का मिला, जग में प्यारा संग!!५
फिर अपने परिवार में, आते हैं संतान!
उनका कल संवारकर,बढ़ता रहा वितान!!६
रिश्तेदारी दूर की, देते हैं उल्लास!
मिलें फिर या न भी मिलें, रहते दिल के पास!!७
रखना है परिवार से, हरदम नाता जोड़!
भले-बुरे हर वक्त में, उनको कभी न छोड़!!८
इस जग में परिवार तो, सुन्दर है वरदान!
रखना इतना ध्यान मनु, बना रहे सम्मान!!९
निभ जाता परिवार से, जब हो वहाँ न स्वार्थ!
मिले बैर या द्वेष तब, बनना पड़ता पार्थ!!१०
यही दुआ भगवान से, बना रहे परिवार!
देखभाल छाया मिले, मिले जगत में सार!!११
