STORYMIRROR

Seema Rahasyamai

Abstract

2  

Seema Rahasyamai

Abstract

प्रेरणा ए्प

प्रेरणा ए्प

1 min
415

सेल्फी प्रेमी आज ये सुन लो

कान खोल तुम बात ये भर लो

न जागे तो आज अभी

जाग जाये वह अब सभी

दमन चक्र में फ़स जाओगे

न जियोगे न तुम मर पाओगे।

किस ख्वाब में जी रहे हो?

कयूं पीछे तुम हट रहे हो?

उबाल सभी में देखो कितना

जागो, क्यों अब सो रहे हो?

सेल्फी प्रेमी...

रोलेक्ट एक्ट (प्रेरणा ए्प) से है मुक्ति पानी

सपूर्ण शक्ति हम सबको लगानी

गर हारे तो आखिर सुन लो

मार डालेगा ए्प ये सबको

सेल्फी प्रेमी...

ना जीओगे न ही मर पाओगे

ठौर-ठौर ठोके जाओगे

तुम गृहस्थ हो , गृहस्थी तुम्हारी

कहाँ छोड़ इसे जा पाओगे?

सेल्फी प्रेमी...

कहा गयी वो शक्ति तुम्हारी?

हनुमत ने सिग लंका जारी

जीतेंगे हम ये कठिन लडाई

साथ चाहिए अब हनुमत भाई


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract