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Rekha Shukla

Inspirational

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Rekha Shukla

Inspirational

प्रभात दर्शन

प्रभात दर्शन

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नज़र रखें अपने 'विचार' पर, 

क्योंकि वे ''शब्द'' बनते हैँ।


नज़र रखें अपने 'शब्द' पर, 

क्योंकि वे ''कार्य'' बनते हैँ।


नज़र रखें अपने 'कार्य' पर, 

क्योंकि वे ''स्वभाव'' बनते हैँ।


नज़र रखें अपने 'स्वभाव' पर, 

क्योंकि वे ''आदत'' बनते हैँ।


नज़र रखें अपने 'आदत' पर, 

क्योंकि वे ''चरित्र'' बनते हैँ।


नज़र रखें अपने 'चरित्र' पर, 

क्योंकि उससे ''जीवन आदर्श'' बनते हैँ।


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