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Dr. Akansha Rupa chachra

Abstract

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Dr. Akansha Rupa chachra

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पक्षपात

पक्षपात

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शिक्षक न देखे जात-पात।

शिक्षक न करता पक्षपात।

निर्धन हो या धनवान।

होना चाहिए समान बात।


पक्षपात से कोई अछूता नहीं होता।

शायद संक्रमण भी पक्षपाती

होता है।

अच्छे स्वास्थ्य का क्यों नहीं होता ?

बीमारियों का तो खूब संक्रमण होता है।

पानी कभी पक्षपात नहीं करता।

सफ़ाई देकर कभी आघात नहीं करता।

यूं तो छुपाते है लोग कमियाँ अपनों की।


पर पानी कभी न अपना न

पराया ऐसी कोई बात नहीं करता।

जहाँ पक्षपात के फैले जाल होते है।

वहाँ  हुनरमंदों के सपने

बेहाल होते है।

वो मुल्क कभी तरक्की

नहीं कर सकता।

जहाँ के वज़ीर दलाल होते है।


पक्षपात सब बुराइयों की जड़ है।

किसी व्यक्ति को समझना

इतना मुश्किल नहीं, जितना मुश्किल पक्षपात।

किए बिना निर्णय लेना है।


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