STORYMIRROR

Abhishek Kumar

Romance

2  

Abhishek Kumar

Romance

पहली बार

पहली बार

1 min
366

उसे पहली बार देखा था तो लगा एक सपना सा था,

किसी पराये मैं मानो कोई अपना सा था,


क्युकी उस लाल रंग मै कोई लग नहीं सकता था,

वो जुमका किसी और पे उतना अच्छा सज नहीं सकता था,


वो इतनी ख़ूबसूरत थी की खूबसूरती उससे शर्मा रही थी,

न जाने क्यों वो इस दिल को पागल बना रही थीl


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance