पहला अनुभव लेखक, भरथ शर्मा
पहला अनुभव लेखक, भरथ शर्मा
उम्र है 17 की, दिल तो बड़ा रखते हैं जब बात अपनों की आए, तो ये अक्सर रो पड़ते हैं।
सांसें भी चलती हैं, जब आगे कदम बढ़ाते हैं 'चलो जो हुआ सो हुआ', ये सोचकर खुद को समझाते हैं।
पर दिल की उन बातों को, हम भुला नहीं पाते हैं जो खुद को संभाल न सके, वो दिल किस काम के कहलाते हैं?
हर इंसान को यहाँ हर पल, कुछ सुनना और सोचना पड़ता है वो शख्स अजीब है जो न किसी से कहता है, न किसी की सुनता है।
बात किसी की भी हो, हम दिल तो बड़ा रखते हैं...
लेखक, भरथ शर्मा
#deepthoughts
