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Bharth Sharma

Children Stories Classics Inspirational

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Bharth Sharma

Children Stories Classics Inspirational

एक समझ

एक समझ

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उड़ता हुआ विहग और कर्मठ इंसान, कमाकर जो लाता, पाता है सम्मान। सबको भाता है सदा, उसका ही पुरुषार्थ, बिना कर्म के जीवन का, बचता कोई न अर्थ।

पर थका हुआ राही और ठहरा जो विहग है, उन्हें देख मुँह मोड़ता, यह स्वार्थी जग है। हाँ, कविता के माध्यम से हम समझ रहे यह बात, इस सत्य को स्वीकारना ही, बुद्धि की सौगात ।

बिन समझे, बिन जाने तुम, मत करो कोई विचार, किसी मनुष्य के मोल का, मत बदलो आधार। कवि कहते हैं रात के बाद, आती उज्ज्वल भोर, बदलेगा जीवन का रुख, खिंचेगी सुख की डोर।

बुरा समय भी आएगा, देकर कुछ सीख, अच्छे दिन भी आएँगे, मत मांगो तुम भीख। बुरे वक्त में धैर्य रख, मुश्किलों से तुम सीखो, अच्छे दिनों की समझ से, नया मुकद्दर लिखो।


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