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Bharth Sharma

Children Stories Inspirational Others

4.5  

Bharth Sharma

Children Stories Inspirational Others

समझदारी का पहला सबक

समझदारी का पहला सबक

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लोग कहते है ं प्रेम मे इंसान होश खो बैठाता है 
मगर मुझे तो इस अहसास ने बेहद गंभीर कर दिया है।

डायरी के पन्नों  और स्कूल की बेंचों के बीच, 
जब उम्र का सत्रहवां साल दस्तक दे रहा था,
तब किताबो की दुनिया से इतर,  एक नया सबक शुरू हुआ।
वो आंखों की खामोश गुफ्तगू , वो अनजान सा नया मोड़, 
जिसने  दिल की धड़कन को नई रफ्तार दी।

उस अल्हड़ उम्र की नादानी में कहां मालूम था , 
कि प्रेम सिर्फ एक आकर्षण नहीं, एक  जिम्मेदारी है।
चेहरे की वो  पहली मुस्कान  और ख्यालों  का वो भटकाव , 
आज भी यादों के गलियारों में ताज़ा है ।

क्या तुम्हें  भी याद आता है  वो गुज़रा हुआ दौर ॽ
या बक़त की गर्द में कहीं खो गए  वो मासूम दिन ॽ

अब समझ आता है कि प्रेम का असली मतलब  क्या है  


  • लेखक,,   भरथ शर्मा 


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