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Himanshu Gautam

Romance

4.1  

Himanshu Gautam

Romance

फ़िर से तुम्हारा होना है

फ़िर से तुम्हारा होना है

1 min
168


सुनो ना कुछ बातें करनी है तुमसे

कुछ तुम्हे सुनना है कुछ अपना सुनाना है

गुजरी बातों की कड़वाहट बिना दिल में लाये

तुम्हे हर पल प्यार करना है

वो तुम्हारी प्यारी सी अल्हड़ हँसी

कभी ना ख़तम होने वाले वो किस्से सुनने हैं

फिर जब तुम जाने को बोलो तो उसी हक़ से हाथ थाम रोकना है तुमको

कुछ पल सब कुछ भूल बस तुम्हारी आँखो में खोना है मुझे

आखिर तुमसा कोई समझता भी तो नही ना मुझको

खुद में पूरा होने का अहसास फिर से जीना है मुझे

 कुछ पल फिर से तुम्हारा होना है मुझे!


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