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Himanshu Gautam

Abstract

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Himanshu Gautam

Abstract

तू ना दिखायी दे

तू ना दिखायी दे

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छोड़ो ना अब दूर चले जाते है,

एक दूसरे से हम।


कहाँ ? जहाँ दोनो को एक दूसरे की

आवाज़ ना सुनाई दे।


ये धड़कने ना सुनाई दे

ये बिन बोले जज़्बात ना सुनाई दे।


ना दिखे ये बहते हुए आँखों से आँसू मेरे

ना तुम्हारे छोड़ जाने की कमी दिखाई दे।


बता सको तो बताओ ना,

है क्या कोई ऐसी जगह जहां मुझे

सिर्फ और सिर्फ तू ही ना दिखाई दे।


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