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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

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Dr.Rashmi Khare"neer"

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पैबंद

पैबंद

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आसमान से तारे ले आऊं

लहरों पर खेल जाऊं

जिंदगी के कठिन पल को मैं जी लूं


अपनी कमजोरी

किसी से ना बोलू

मेरे घर का कोना कोई झांक ना ले


ग़रीबी किसी की दिखाई ना दे।


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