पाठशाला
पाठशाला
महारावल ने भेजे कई फरमान,
नानाभाई और सेंगाराम की रास्तापाल गांव में,
चल रही पाठशाला बंद करवाने को ।
कालीबाई के शिक्षकों को ,
नहीं था महारावल का कोई भी फरमान स्वीकार
इसीलिए आये कारिन्दे पाठशाला बंद करवाने को ।
ताले जड़े पाठशाला पर ,
लाठियों की मार पड़ी शिक्षकों पर ,
नानाभाई ने त्याग दिए अपन प्राण शिक्षा के मंदिर बचाने को ।
सेंगाराम बँधे गाड़ी से ,
कालीबाई गुरु का अपमान सहे कैसे ,
किया हँसिये का वार रस्सी पर अपने गुरु को बचाने को ।
बदले में सीने पर गोली खाई ,
मैं जाती हूँ लेकिन हिम्मत रखना ,
मेरे प्यारों जान अपनी दे देना पाठशाला बचाने को ।
शिक्षा का दीप सदा जलता रहे,
चाहे शरीर अपना रहे या न रहे,
शहीद कालीबाई शिक्षा खातिर छोड़ गयी अपने प्राणों को ।
