पापा
पापा
यह वो शब्द हैं , जो मेरे रूठे चेहरे को मुस्कुरा दे,
मेरी आंखों की नमी को खुशी से खिलखिला दे।
बच्चे रोते हैं माँ - माँ चिल्ला कर,
और मैं रोया करती थी पापा - पापा पुकार कर।
जब सुनती हूं किस्से तुम्हारे,
कैसे मेरे पैदा होने पर लड्डू बांटे भरे बाज़ारे,
आंखें नम हो जाती हैं ये सुनकर,
कितने सपने सजाए तुमने मेरे लिए दिन-रात बुनकर।
कैसे मेरे बिन बोले सब समझ जाते हो,
जो चीज़ ना मांगू वो भी ले आते हो।
ना कभी कोई शिक्वे, ना कभी कोई गिले,
सबसे अच्छे पापा हैं मुझे मिले।
जो आज़ादी दो बेटों को भी ना दी थी कभी,
मुझे पंख फैलाने की वो आज़ादी तुमने दी सभी।
सब कहते हैं, लड़की है हाथ से निकल जाएगी,
पर तुम कहते हो, मेरी लड़की है, कुछ बड़ा कर जाएगी।
पूरी दुनिया का दुख बरदाश कर सकती है,
पर तुम्हारी आंखों में आंसू की एक बूंद भी खटकती है।
सिर्फ बेटी नहीं, अभिमान है वो आपका,
सर गर्व से ऊंचा करेगी, स्वाभिमान है वो आपका।
