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Swati Sagar Singh

Abstract

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Swati Sagar Singh

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पापा

पापा

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पापा तो वो चांद है, जिसकी शीतल छाया हम पर हैं ,

पापा वो हीरो है जो घर को स्वर्ग कि तरह सजाया है,

पापा वो इंसान है जिसमे हर गुन हैै,पापा तो भगवान 

का एक रूप हैै |



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