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Dr. Akansha Rupa chachra

Inspirational

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Dr. Akansha Rupa chachra

Inspirational

ऑनलाइन और हम

ऑनलाइन और हम

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बच्चों की शिक्षा पर जब 

संकट के बादल छाये थे।

शिक्षकों ने बच्चों के लिए

परिश्रम कर डिजीटल कदम उठाए थे।

विद्यार्थियों को सिखाने के लिए

हजारों यत्न उठाए थे।

       शुरू हुआ था लॉकडाउन तो 

       इम्तिहान  की  बारी थी।

      वार्षिक परिणामों की खातिर 

      पैपर  चैकिंग जारी थी।।

      जारी  जो  परिणाम हुए 

      शिक्षक हर्षाये थे।

      शिक्षकों के परिश्रम का ना मोल 

कर पाएंगे।

  विकट वैश्विक महामारी से जब सब 

घबराये थे।

शिक्षकों के योगदान से

घर-घर विद्यालय के रूप में

शिक्षा देने नियमित रूप से शिक्षक आये थे।

       वेतन की परवाह नहीं

     मेरे देश के भविष्य पर जब बात आई।

शिक्षकों ने हार नहीं मानी।

 अब सभी ने हाथों में लैप टॉप, स्मार्ट फोन

थाम कर , असाइन मैट, गुगल प्रश्न पत्र बनाये थे।।

  बच्चों के भावी जीवन को 

   लेकर  सबसे  आगे थे।

  "हर-घर-स्कूल" बनाने वाले 

   अध्यापक सबसे आगे थे।।

   

ऑनलाइन कक्षा में हर दिन 

    पाठ पढ़ाने आये ,

      खतरे का माहौल था फिर 

    अपना  फर्ज निभाना था।

           सरकारी आदेश हुए तो 

          डाटा- एन्ट्री फोटो- ग्राफी 

          टीकाकरण में शामिल थे।

          कर डाला हर काम, सभी 

           अध्यापक कभी ना हारे थे।।

          खेल-कूद, विज्ञान, गणित में 

          नाम  कमाने   वाले,

          विद्यार्थी जो शत -प्रतिशत 

      अंकों को लाने वाले हैं।।

          ब्रह्म  और  महेश्वर  की 

           संज्ञा से जिसे नवाज़ा है।

          गुरु नहीं वह मात्र, कई 

          बच्चों के दिल में विशेष स्थान बनाते है।।

विद्या, आदर व अनुशासन 

 का पाठ पढ़ाने के लिए ऑनलाइन 

शिक्षा पद्धति भी अपनाते है।

वह शिक्षक ही है।

जो अपने शिष्य की प्रगति उन्नति में

विशेष खुश हो जाते है।


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