✨✍️ओ आसमान के नूरानी सितारों ✍️✨
✨✍️ओ आसमान के नूरानी सितारों ✍️✨
ओ आसमान के नूरानी सितारों
ओ आंखों के नूर में सजते सितारों
मेरे कयानायत में तु आके रह
मेरे कुर्बत में तू जाके कह
होती है तसल्ली इतनी
होता है तवज्जो जितना
कब आयेगी महफिल -ए -जाम
जब जायेगी मुश्किलें -ए -काम
कितने सपने अधूरें बाकी है
जितने सामने अंधेरे ताकी हैं
हो ऐतबार जरा सा- मुझ पर
हो एहसास जरा सा- तुझ पर
कसम नहीं ये इरादा है
कोशिश नहीं यह इसरार हैं
लाओ वो पल वो लम्हा
पावो वह पल वह पंखुड़ी
मालूम हैं मुझे मिलेगा अब
मुकम्मल हैं तूझे खिलेगा तब
🫶✨ओ आसमान के नूरानी सितारों ✨🫶
🌻🦋😘💞💞 Bhartinishi from kitabo ki duniya se
