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Nisha Bharti

Inspirational

4  

Nisha Bharti

Inspirational

✨😽मोरे कृशु 😽✨

✨😽मोरे कृशु 😽✨

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मोरे सांवरिया ,मैं तोरी बावरिया ,

का भयो भोर -भोर बंसी बजइया ।

का खोयो -खोयो खुद खवइया,

मोको मन नाहीं लागत बा ,

तोको तन माहीं बसावत बा।


नैन तरस -तरस जावे,

आंखन मा आंसू बह -बह आवे,


चैन बिखर -बिखर गयो,

मनन मा मुख बसा -बसा लियो ।



ऐसो रे माखन चोरवा,

कैसो रे चाखन मोरवा


मारे का छली गईल कृष्ण ललनवा,

तारे का कवि कईल कृशु जगनवा ।

गन्ना का प्यारो होवे ,

दुर्गों मा का लाडलो कहवे ।


हमरे सबरे जगना जगना जगना जगना ,


जय हो ,जय हो ,जय हो ,जय हो ,

श्री कृशु! श्री!कृशु श्री! कृशु !श्री कृशु !



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