निस्वार्थ अजनबी रिश्ते
निस्वार्थ अजनबी रिश्ते
यह जिंदगी है जनाब
जिंदगी की राह में चलते चलते कुछ अजनबी ऐसे मिल जाते हैं।
जिनसे दिल के रिश्ते जुड़ जाते हैं।
हमको भी जिंदगी में ऐसे बहुत लोग मिले जो, थे अजनबी मगर
दिल से अपने हो गए।
जिंदगी की राह में खून के रिश्तों की जगह यह रिश्ते गाढ़े हो गए ।
मिलने में समय की दूरियां भले आवे मगर दिल की दूरी कभी नहीं आती है
उनके रहते परदेस में भी बच्चों को अपने घर सा एहसास जगा जाती है।
ऐसे प्यारे निस्वार्थ अजनबी रिश्ते आज जान से प्यारे हो गए हैं।
