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suraj singh

Abstract

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suraj singh

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नीलाम

नीलाम

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क्या मिला होगा तुम्हें कर के

नीलाम हमें बाजार में


सुना है बेचने वाले से ज्यादा

चर्चा खरीदने वाले की है


आखिर कौन खरीदा होगा

हमें पढ़ लेंगे कल के अखबार में।


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