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Sapana Vijapura

Abstract

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Sapana Vijapura

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नए साल

नए साल

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आप सबको नया साल मुबारक! 

पुरे विश्वको करोना से छूटकारा मिल जाए!

सबका भला हो! हम अपने दिलसे बैर निकाल दें!

मुहब्बत ही हमारा मज़हब हो जाये!

सबको ढेर सारा प्यार !!

सपना उनसे मुलाकात हो जाये अबके बरस

उनको भी चाहत हो जाये अबके बरस

ना रंजो-गम हो ना कोई रूठना मनाना

ऐसी ही उन्सीयत हो जाये अबके बरसना

चांद गुम हो जाये, सूरज ढलने ना पाये

कोई एसी शरारत हो जाये अबके बरस

मेरे दोस्त जो दूर दूर जाके बैठ गये है

उन सबसे मुलाकात हो जाये अबके बरस

तेरी आंखके आंसुं पी लु, तुं मेरी हंसी लेले

ऐसा कोई बंदोबस्त हो जाये अबके बरसना को

ई मजलुम हो ना कोइ बिमार हो

सबकी ही शफाअत हो जाये अबके बरस

तुम सामने आ जाओ और मैं मर ही जाउं

ऐसी ना कयामत हो जाये अबके बरस

ना मेरा खुदा कोई और ना तेरा खुदा कोई और

एकही इश्वरसे महोबत हो जाये अबके बरस

एक एक सितारा बन जाये एक एक सपना

ऐसी सपनोवाली रात हो जाये अबके बरस।


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