नारी-शक्ति
नारी-शक्ति
नारी, समाज का आधार,
बिना उसके, समाज है विकार।
उसमें सहनशीलता, धैर्य है,
प्रेम, ममता, मधुर वाणी साथ है।
नारी की शक्ति, गुणों में बसी,
कार्य को लेकर, वह है दृढ़ और विशेष।
अनजाने में न कहो अबला,
नारी है सबला, इसे मानो कभी नहीं हरजा।
झाँसी की रानी, कल्पना चावला,
इंदिरा गाँधी, महिला की शक्ति का संकेत।
पढ़ लिखकर, महिला बनी सबसे साकार,
नौकरी, और अपना स्थान हक़ में पार।
नारी देवी, रूप विशेष,
उसकी शक्ति, विश्व को भारी है दिखाएगी।
आज के युग में, नारी है आगे,
समाज में बदलाव, उसके साथ है मिलकर राह पर।
जागरूक है, पर सुरक्षित नहीं है,
उसे समर्थन, सम्मान, हो यह विचार।
नारी, जिसने बदला समाज का चित्र,
उसे करना है साथ, सब मिलकर।
शिक्षा का महत्व, सबको समझाना,
नारी को जगह, समाज में बनाना।
समाज को जागरूक, नारी की शक्ति से,
यही है हमारा उद्देश्य, बदलना है रीति।
आधुनिक युग, नारी जागृत है,
अपने अधिकारों को, वह मानती है।
नारी, अबला नहीं, सबला है वह,
अन्याय का विरोध, नया संगीत यह।
प्रणाम करें नारी शक्ति को हम,
उसके बिना, कुछ भी नहीं काम।
शिक्षा, महिलाओं का अधिकार,
बदले समाज, यही है संकल्प सार।
नारी, नौकरी, और समाज में भागीदार,
विकसित हो, हर देश की ताक़त बनार।
नारी शक्ति, हर घर की शोभा,
जगमगाए, नारी के यश की रोशनी सदा।
कोई निर्धारित नहीं, काम करने का सार,
नारी है शक्ति का अद्भुत संसार।
आधुनिक युग में भी, महिलाओं का विजय,
अधिकारों की बात, खुद की रचाई।
नारी अबला नहीं, सबला है निर्मल,
अपने बल से वह देती संगठन का संकल्प।
नारी का सम्मान, विनम्रता से बढ़ता,
उसके सहनशीलता में, समाज का विश्वास अटूट बनता।
शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय,
नारी की ऊँचाई, उसकी महत्ता निरंतर बढ़े।
निर्णयों का अधिकार, महिलाओं के हाथों में,
समाज की स्थिति, नारियों के साथ मिलकर है अच्छी।
नारी की आवाज, समाज को आगे बढ़ाती,
उसकी मेहनत, उसकी शक्ति, हर रोज समझाती।
नारी नहीं, देवी का रूप है सच,
उसके बिना समाज, है अधूरा बच।
समाज का निर्माण, नारियों के संग,
हर काम में उनकी भूमिका, है विश्वास का प्रतीक।
नारी, समाज की शान,
उसके बिना, है नीरसन।
नारी शक्ति को सलाम,
हर कदम पर, उसका साथ बनाम।
विकास के मार्ग पर, नारी का हाथ,
समृद्धि का सफर, सबके साथ।
समाज में उसकी भागीदारी, उसका सम्मान,
नारी के बिना, यह दुनिया, रंगहीन, अधूरा है समान।
देश की नारी, जब विकसित होगी,
हर घर, हर गली, विकसित होगा, देश हमारा तब होगा सच्चा।
