मुस्कान
मुस्कान
चेहरों पर सदा मुस्कान चाहिये।
ना कोई राहत चाहिये।
ना ही मुझे कोई पहचान चाहिये।
रोजाना यहीं मांगती हूँ।
दोस्तों के चेहरों पर मुस्कान चाहिये।।
सबके चेहरों पर मुस्कान रहेगी।
मेरे दिल में हमेशा खुशी रहेगी।
विश्वास की कच्ची डोर थाम लो मेरी वफा से,
मेरे दोस्त न मुझ से खफा हो।।
उनकी सच्चाई में मेरा अहसास घुल जाए।
दोस्ती का रंग गहरा चाहिए।
इनका प्यार मुझे सदा मिलता रहे।।
जब ये सब खुश व मस्त रहेंगे।
सुख दुःख में सदा साथ रहेंगे।
इससे बड़ी पहचान क्या होगी।
इनके जहन में मेरी तस्वीर चाहिए।
इनकी यादों में मेरा बसेरा
सुबह शाम चाहिए।।
इनमें विश्वास का रंग भरा रहेगा।
सब एक दूसरे के काम आते रहेंगे।
सब में खुशी का संचार रहेगा।
मर्यादा की डोर को थाम कर
दोस्त की हर खुशी का ख्याल चाहिए।
दिल में रहने को दोस्तों के मिल गया।
इससे बढ़ कर क्या पहचान चाहिए।।
हम सुख दुःख में काम आते रहेंगे।
ना हम किसी से दूर रहेंगे।
सब के चेहरों पर सदा मुस्कान बनी रहे।
आँखों से दुनिया देखे सभी,
आँखें मूँदे मुझे देख पाए कोई, बस ऐसा कोई मित्र पुकारे मुझे।
प्यार की हिचकियों का समा चाहिए।
दोस्तों का दिल न टूटे कभी,
उनके चेहरे पर सौम्यता , मुस्कान चाहिए।।
मेरे दोस्त के हृदय पटल पर मेरा नाम चाहिए,
उनके होंठों पर मुस्कान चाहिए।।
