STORYMIRROR

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

3  

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

मुक्तक : दोस्ती

मुक्तक : दोस्ती

1 min
256

दोस्तों के बिना दिन अधूरा सा लगता है

आत्मा के बिना शरीर कहां पूरा लगता है 

जब तलक ना सजे ठहाकों की महफिलें 

जीने का हर अंदाज बेरंग, बेनूरा लगता है 


दोस्ती दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational