STORYMIRROR

Alone Amit

Romance

4  

Alone Amit

Romance

मुझे अब भी याद है-

मुझे अब भी याद है-

1 min
264

मुझे अब भी याद है

वो चेहरा जाना पहचाना

उसका यूं ही चले जाना

हजार चेहरों की भीड़ में

उसका यूं ही खो जाना

मुझे अब भी याद है

उसका शर्माना मुस्काना

और धीमे से बतियाना

उंगलियों की धुन पर

नजरो का नचाना

और नाचती नजरो का

मुझे अब भी याद है

दातो तले पैंसिल

बच्चों की तरह दबाना

कुछ उलझनो का हिसाब

हवाओं में लगाना

और धीरे से उसी पैंसिल से

बालों को सजाना

मुझे अब भी याद है

किसी परेशानी से उसकी

मुस्कुराहट का खो जाना

सखियो के बीच

उसका तन्हा हो जाना

उसकी उदासी को देखकर

मेरा रूआसा हो जाना

और फिर धीमे से मेरा

खूद को खूद ही समझाना

मुझे अब भी याद है

मुझे अब भी याद है ।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance