मुझे अब भी याद है-
मुझे अब भी याद है-
मुझे अब भी याद है
वो चेहरा जाना पहचाना
उसका यूं ही चले जाना
हजार चेहरों की भीड़ में
उसका यूं ही खो जाना
मुझे अब भी याद है
उसका शर्माना मुस्काना
और धीमे से बतियाना
उंगलियों की धुन पर
नजरो का नचाना
और नाचती नजरो का
मुझे अब भी याद है
दातो तले पैंसिल
बच्चों की तरह दबाना
कुछ उलझनो का हिसाब
हवाओं में लगाना
और धीरे से उसी पैंसिल से
बालों को सजाना
मुझे अब भी याद है
किसी परेशानी से उसकी
मुस्कुराहट का खो जाना
सखियो के बीच
उसका तन्हा हो जाना
उसकी उदासी को देखकर
मेरा रूआसा हो जाना
और फिर धीमे से मेरा
खूद को खूद ही समझाना
मुझे अब भी याद है
मुझे अब भी याद है ।

