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Gyanendra Chaubey

Abstract Romance Fantasy

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Gyanendra Chaubey

Abstract Romance Fantasy

मोहब्बत के लफ्ज़

मोहब्बत के लफ्ज़

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सुनो, देखो, ये बातें हैं मोहब्बत की,

मेरा दिल अब बात करता है तुम्हारे ही सोहबत की,

तुम्हारे लफ्ज़, झुकी आंखें, तुम्हारे ख्याल हैं शरबत सी,

मुझे माकूल ज़रूरत है तुम्हारे ही उल्फत की।।


तुम्हारा साथ है ऐसे, जैसे चांदनी रात की,

हर पल मांगता हूं दुआ, बस तुम्हारे साथ की,

सदियों तक ये रिश्ता यूं ही सलामत रहे,

दिल में हमेशा ये हमारी मोहब्बत रहे।।


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