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Nilesh Bhawsar

Classics Inspirational

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Nilesh Bhawsar

Classics Inspirational

मनवा रे दुख तो सदा साथ आयेगा

मनवा रे दुख तो सदा साथ आयेगा

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सुख की बेला में दुख भी याद आयेगा,

दुख के पलों में सुख भी याद आयेगा। 

अपनी करनी से भव सागर पार होगा,

भंवर फंसी नाव तो धीरज से पार होगा।

मनवा रे दुख तो सदा साथ आयेगा…. 


दे कर दुख किसी को खुद भी दुख पायेगा, 

दे कर सुख किसी को खुद भी सुख पायेगा। 

तेरा किया तेरा दिया, तेरे साथ जायेगा, 

मुर्शीद कर्मो का लेखा तेरे साथ जायेगा।

मनवा रे दुख तो सदा साथ आयेगा….  


अपना पराया कोई नहीं सबको सगा पायेगा,

दुख आन पड़ा तो सब को पराया पायेगा।

दोस्त दुश्मन में कुछ फर्क समझ ना आयेगा,

गला काटेगा वो ही जिसको गले तू लगायेगा।।

मनवा रे दुख तो सदा साथ आयेगा….  


एक ही दरवाजे के दो पाट है सुख और दुख,

यह उठते भी साथ है और सोते भी साथ। 

यह हंसते भी साथ है और रोते भी साथ, 

दुख न हो तो सुख अधुरा, सुख ना हो तो दुख।।

मनवा रे दुख तो सदा साथ आयेगा…. 


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