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Dr.Purnima Rai

Abstract

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Dr.Purnima Rai

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मनायें अलि होली

मनायें अलि होली

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बोल के मधुर मीठी बोली,बना के भीनी भिन्न रंगोली

चला के तिरछे नयन गोली, भिगो के उज्ज्वल दामन चोली 

मनाएं अलि सुंदर सप्रेम होली.....


बिखेर के अबीर गुलाल रंग, खिला के नयी उमंग तरंग,

महका के चंचल गौर अंग,मचा के स्वच्छंद प्रिय हुड़दंग,

 मनाएं अलि उन्मुक्त शांत होली...


कर के मात-पिता पूजन, जोड़ के कर-कमल वंदन,

लगा के माथे तिलक चंदन, बदल के मन सोच चिंतन,

मनाएं अलि निष्कलंक होली.....



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