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Subhangi Sahoo XI-H -41

Abstract

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Subhangi Sahoo XI-H -41

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मगर ..

मगर ..

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हम खुदको आप में ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं

मगर धुंधला सा दिखता है ।

पता नहीं क्या कमी रह गई 

जितना ढूंढ लूँ प्यार नहीं मिलता है।


सब में आपका चेहरा ढूंढने की कोशिश करते हैं

मगर खुद को रोक लेते हैैेैें

आपके पास जाने की कोशिश करते हैं

पर पता नहीं हमेशा अपने आप को टोक देते हैं।


अपने आप को आपके साथ देखने की कोशिश करते हैं 

मगर दिल साथ नहीं देता।

जितना नफरत करने की कोशिश करते हैं

उतना ही प्यार अजाता।



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