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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

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Dr.Rashmi Khare"neer"

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मेरी नियत

मेरी नियत

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मेरे दिल का टुकड़ा

जहां मेरी नीयत लगी रहती

मेरे पति का बटुआ,

घर पर रहे तो निहारती,

बाहर रहे तो उसके

आने का इंतजार करती,

जानते तो पति भी हैं,

ललचाते भी हैं दिखाकर,

सच,ललचाता है मुझे,

मेरे पति का बटुआ।

बड़ा हसीन है,

मेरे दिल का चैन है,

मेरे पति का बटुआ।



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