STORYMIRROR

Sonia Pratibha Tani

Inspirational

4  

Sonia Pratibha Tani

Inspirational

मेरी कलम

मेरी कलम

1 min
225

मुझे नहीं पता मैं क्या लिखती हूं।

चलती है कलम मेरी और

मैं अदा लिखती हूं।


अपने हर हर्फ़ में लिखती है

कलम मुझे मेरी,

और मैं कलम को खुदा लिखती हूं।


न होती कलम तो ये

वेद पुराण नहीं होते,

गीता नहीं होती न कुरान होते।


कभी जन्मे थे भारत की पुण्य भूमि पर

राम और कृष्ण भी ये बताने वाले

विद्वान नहीं होते।


सुंदर गीत, गजल,गान न होते

शिक्षा का होता अभाव

इंसान भी फिर इंसान नहीं होते।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational