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Raushan Raj

Romance Classics

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Raushan Raj

Romance Classics

मेरे यार के नसीब में तेरा प्यार नहीं

मेरे यार के नसीब में तेरा प्यार नहीं

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मैं रोज़ लब पे नई एक आह तकता हूँ, 

मैं रोज़ एक नये ग़म की राह तकता हूँ, 


किसी खुशी का मेरे दिल को इन्तज़ार नहीं, 

मेरे नसीब में ऐ दोस्त तेरा प्यार नहीं,


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