STORYMIRROR

Heena Joshi

Inspirational

3  

Heena Joshi

Inspirational

मेरे अंदर का भारत

मेरे अंदर का भारत

1 min
178

लड़की हूँ फिर भी सुदृढ़ बुनियाद पर है, 

मेरे सपनों की इमारत. 

विदेशों की मिट्टी में भी कायम है,

मेरे अंदर का भारत।


आधुनिकता में लिपटी हूँ,

पर की है संस्कारों की हिफाज़त,

डगर नई रही हो हरदम,

पर मंज़िल को दे रक्खी है हिदायत,

होंगे सब देश भले,

पर आज भी जीवन्त है,

मेरे अंदर का भारत।


ज़माना है फेसबुक और इंस्टा का,

सोशल मीडिया की रहती है इनायत,

प्रयोग में आते है मेरे भी,

पर ले दे कर ढूंढती हूँ,

सब में भारत की झलक,

हृदय में मशाल की तरह रहा है सदैव,

मेरे अंदर का भारत।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational