STORYMIRROR

Vivek Agarwal

Abstract Tragedy

2  

Vivek Agarwal

Abstract Tragedy

मेरा काव्य

मेरा काव्य

1 min
114


काव्य शास्त्र के दुरूह गणित से मैं बिलकुल अनजान

कैसी भाषा कैसी शैली, कैसा हो रस विधान

विकल हृदय की वेदना से, भाव जो प्रस्फुटित होते हैं

उन भावों की अभिव्यक्ति से सज्जित मेरा काव्य नादान



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract