STORYMIRROR

Rahul Yadav Nishabd

Inspirational

2  

Rahul Yadav Nishabd

Inspirational

मेहनती शिष्य

मेहनती शिष्य

1 min
132

मैं एक नाचीज़ हूं बड़ी कोई चीज बनना चाहता हूं,

    प्रस्फुटित हो जो ज़मीं को चीर के, वो बीज बनना चाहता हूं.....

अभी तो मंजिल जैसे दूर है, खंडहर पड़े सब रास्ते,

    पैर सरपट दौड़े मेरे नित, मेहनत से अजीज बनना चाहता हूं.....



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational