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Manu Sweta

Abstract

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Manu Sweta

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माता पिता

माता पिता

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माता पिता के संग बिताए पल

आज भी बहुत याद आते हैं

वो उनकी हर बात पर टोकना

जरा जरा सी बात पर घबरा जाना


आज भी याद बहुत आता है

वो रूठने पर मनाना और

गोद में उठाकर धीरे से झुलाना

आज भी याद बहुत आता है


कई बार मुझको जरा सी

बात पर डांटना और फिर

खुद ही अपने हाथों से खाना खिलाना

आज भी याद बहुत आता है


वो कहते थे मुझको लाडो ही अक्सर

फिर अपने से दूर कर दिया

मुझको यूँ पराया कर देना

आज भी याद बहुत आता है।


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