Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!
Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!

Abhimanyu Kumar

Inspirational


5.0  

Abhimanyu Kumar

Inspirational


माँ

माँ

1 min 275 1 min 275

हाथ जो तुमने थामा था माँ मेरी माँ ,

सौभाग्य है यह मेरा जो तेरे घर आया मेरी माँ।

रोता - बिलखता एक छोटे से बालक को ,

तुमने पाल- पोस कर इस कदर बनाया मेरी माँ ।।

तुम ना होती तो पता नहीं क्या होता,

यह दुनिया तो होती पर इस दुनिया में मैं ना होता ।

होती यहां सभी के घरों में ख़ुशियाँ ,

पर आपके घर कौन ख़ुशियाँ देने आता मेरी माँ ।।


लेकिन जब मैं जन्मा तेरे घर में ,

ख़ुशियों के जगह दर्द का सौगात लाया मेरी माँ ।

फिर भी सब झूम उठे मुझे देखकर ,

आप भी तो कितनी खुश थी मेरी माँ ।।

सोचता हूं फिर से बच्चा बन जाऊँ,

आपकी गोद में फिर से लिपट जाऊँ ।

आपकी गोद से अच्छी कोई जगह नहीं माँ ,

क्योंकि यह दुनिया बहुत बेरहम मेरी माँ ।।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Abhimanyu Kumar

Similar hindi poem from Inspirational