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Abhimanyu Kumar

Inspirational


5.0  

Abhimanyu Kumar

Inspirational


माँ

माँ

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हाथ जो तुमने थामा था माँ मेरी माँ ,

सौभाग्य है यह मेरा जो तेरे घर आया मेरी माँ।

रोता - बिलखता एक छोटे से बालक को ,

तुमने पाल- पोस कर इस कदर बनाया मेरी माँ ।।

तुम ना होती तो पता नहीं क्या होता,

यह दुनिया तो होती पर इस दुनिया में मैं ना होता ।

होती यहां सभी के घरों में ख़ुशियाँ ,

पर आपके घर कौन ख़ुशियाँ देने आता मेरी माँ ।।


लेकिन जब मैं जन्मा तेरे घर में ,

ख़ुशियों के जगह दर्द का सौगात लाया मेरी माँ ।

फिर भी सब झूम उठे मुझे देखकर ,

आप भी तो कितनी खुश थी मेरी माँ ।।

सोचता हूं फिर से बच्चा बन जाऊँ,

आपकी गोद में फिर से लिपट जाऊँ ।

आपकी गोद से अच्छी कोई जगह नहीं माँ ,

क्योंकि यह दुनिया बहुत बेरहम मेरी माँ ।।


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