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माँ

माँ

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बिन तेरे सूनी हो गयी है

जीवन की बगिया

अब नहीं खिल पाएंगी

और आशा की कलियाँ


सूरज की रौशनी में भी

अब तो अंधेरा सा नजर आता है

दिल बहुत बेचैन है माँ

अब तो तू चली आ


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