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Bikash Kumar

Inspirational

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Bikash Kumar

Inspirational

माँ

माँ

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माँ मत रो कि, आँसू तेरे कीमती हैं

तेरा हौसला मेरे लिए बेशकीमती है

ये पल नहीं है रोने का

हिम्मत रख माँ, मुझे भी तो गम है पापा के खोने का

कि तू जो गर रोएगी

खुद को जो तू खुद से खोयेगी

तो बता ज़रा मैं कहाँ जाऊँगा 

किस्मत का मारा, मैं अभागा

सुनहरा बचपन जिसका छिन गया

जिसका सुख राख में मिल गया

जिसके चारों ओर छा गए काले बादल हैं

समय ने किस्मत पे लेप दी काज़ल है

वो अनाथ, अब कहाँ जाए बेचारा

माँ अब तू ही तो है बस जिसका सहारा

कि माँ अब तो तू आँसूं पोछ ले

मुझे तू अपनी ओट दे

तू मेरी जननी है

तू मेरी वह्नी है

पापा नहीं है तो क्या हुआ

दे अपना आशीष मुझे, दे तू मुझे दुआ

कि जल्दी से बड़ा हो जाऊँ मैं

पैरों पे खड़ा हो जाऊँ मैं

बहनों की शादी करा, करूँ उन्हें बिदा

कर्तव्यों को पूरा करूँ सदा

कि तू हिम्मत मत हार माँ

कि तू जो मुझे देख मुस्काती है

यही हिम्मत है, जीवन का आधार माँ

यही हिम्मत है, जीवन का आधार माँ।


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