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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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माँ

माँ

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माँ 

मुझे

पूजन

आता नहीं

तेरा सहारा

लगा तू किनारा

बालक हूँ तुम्हारा

   

तू

तो है

सर्वत्र

फिर तुझे

मेरा ही ध्यान

ही नहीं आता माँ

इतना तो बता दे।

  

हे

माता

विपत्ति

हरो अब

नेत्र तो खोलो

दु:ख दर्द मेटो

मौन अब छोड़ दो।

   

माँ

आँसू

बहाती

बेबसी से

मौत के मुँह

जाते देखती बस

बस आँसू बहाती।

   

तू

अब

कुछ भी

कर अब

जन जन की

दहशत मिटा

खुशियां लौटाओ।


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