माँ पर कविता
माँ पर कविता
माँ तू मेरी जान है,
माँ तू मेरी पहचान है,
माँ तेरा प्यार है निराला
माँ तो बहुत अच्छी है,
माँ के बिन जीवन सूना है ।
माँ तेरा प्यार है निराला
माँ सूरज का किरण है,
माँ की आंखों में दुनिया का सारा प्यार
माँ तो ममता का आंचल है,
माँ में है दुनिया की सारी खुशी
तभी तो भगवान ने बनाया है माँ ।
माँ जब डांटती है,
तब भी तेरा प्यार है निराला
माँ के बिन जीवन सूना है,
माँ के साथ रहना लगता बहुत अच्छा है
माँ तो ममता का फूल है ।
माँ ने दिया है जन्म
माँ तो जन्नत का फूल है,
माँ के बिना संसार है अधूरा
माँ के कदमों की मिट्टी
जन्नत की धूल है ।
माँ ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया है
माँ ने दिया हर सुख और दुख में साथ है,
माँ जब लोरी सुनाती है
तब भी तेरा प्यार खास है।
माँ तो मेरी जान है
माँ तू मेरी पहचान है,
माँ तेरा प्यार है निराला
माँ तो ईश्वर का दूसरा रूप है।
