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माँ-पापा

माँ-पापा

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हँसते  देखा  है, मुस्कुराते देखा  है,

माँ पापा को बच्चों के ख़ातिर अपनी ख़ुशी लुटाते देखा है!

मंदिर,मस्जिद,गुरूद्वारे जाकर देखा है,

पर सुकून तो माँ पापा के साये मे पाते देखा है!

डांटते, फटकारते प्यार से दुलारते देखा है,

मेरे माँ पापा को मैंने अपनी ख़ुशी मे शामिल होते देखा है!

लोग कहते हैं किसी ने खुदा को नही देखा है,

मैंने तो अपने माँ पापा मे अपने भगवान को देखा है!


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