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ज़िंदगी

ज़िंदगी

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उड़ना, मुस्कुराना, सब हार कर फिर से आगे बढ़ना जानती हूँ मैं,

अपने सपनो को टूटता देखकर उनको फिर से पूरा करना जानती हूँ मैं!

ना हारना, ना उदास होना, ना हार कर बैठना जानती हूँ मैं,

हारी हुई बाज़ी को पलटना, जो चाहती हूँ उसको पाना जानती हूँ मैं!

बस इसी तरह ज़िंदगी जीना जानती हूँ मैं! 


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