STORYMIRROR

Jignasha Trivedi

Tragedy

4  

Jignasha Trivedi

Tragedy

लम्हे

लम्हे

1 min
195

कहा गए वो लम्हे

 जिंदगी के ?

वो आज़ादी से

घूमना फिरना,

बिना किसी पर्दे

ढेर सारी बातें

 

ना हाथ जोड़ना

बस 

मिलते ही

गले लगना


सड़क पे

मिलझूलकर

पानीपुरी

खाना


सिनेमाघरों 

मै तालियां

बजाना

खो गए  

वो लम्हे  


बताओ

ना

कहां गए वो

खूबसूरत

लम्हे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy