Shivendra Tewari
Abstract Classics Inspirational
लबों के लब अब ज़ुबान हो रहे
हदों के हद अब बयान हो रहे
सच की सूरत अब नई सी है
सच के आगे के सच बयान हो रहे।
Untitled
इश्क़ खुदा का
लबों की जुबान...
गिला खुदा से
जल, जंगल , जमीन को मेरे, अगर नहीं बचाएगा सुंदर, स्वच्छ, हरा- भरा, पर्यावरण कहाँ से जल, जंगल , जमीन को मेरे, अगर नहीं बचाएगा सुंदर, स्वच्छ, हरा- भरा, पर्...
मैं सवालों का जरिया हूँ, खुद सवाल नही हूँ।। मैं सवालों का जरिया हूँ, खुद सवाल नही हूँ।।
बच्चों ही की कमी थी। कोई पता बताओ कोई खोज के तो लाओ। बच्चों ही की कमी थी। कोई पता बताओ कोई खोज के तो लाओ।
हाथों में किसी का हाथ नहीं सब कुछ पराया सा है यहाँ हाथों में किसी का हाथ नहीं सब कुछ पराया सा है यहाँ
तार स्मृति के जुड़े हैं, प्रेम मन को बाँधता । कामनाओं में तृषित मन, सिर्फ़ तुमको माँगता तार स्मृति के जुड़े हैं, प्रेम मन को बाँधता । कामनाओं में तृषित मन, सिर्फ़ तुमक...
ठीक उसी तरह जिस तरह, सादा दूध भाता नहीं मुझको। ठीक उसी तरह जिस तरह, सादा दूध भाता नहीं मुझको।
भगवन क्षमा कीजिए अब भूल हमारी कृत्य हमें स्मरण। भगवन क्षमा कीजिए अब भूल हमारी कृत्य हमें स्मरण।
परिवार अगर साथ है तो हर सपना होता है साकार, परिवार अगर साथ है तो हर सपना होता है साकार,
पर हिम्मत ना होती डर लगता कहीं बदल ना जाए जिंदगी। पर हिम्मत ना होती डर लगता कहीं बदल ना जाए जिंदगी।
घर के कच्चे आंगन को मां गोबर मिट्टी से लीपा करती घर के कच्चे आंगन को मां गोबर मिट्टी से लीपा करती
भूल कर अपनी पहचान क्यों आया है कौन है क्या कर्तव्य है भूल कर अपनी पहचान क्यों आया है कौन है क्या कर्तव्य है
एक तरफ जब पार्थ खड़े थे दुर्योधन भी झुकता था। एक तरफ जब पार्थ खड़े थे दुर्योधन भी झुकता था।
उसकी अदाकारी में जितनी मक्कारी है। हमारी ईमानदारी में उतनी ही खुद्दारी है। उसकी अदाकारी में जितनी मक्कारी है। हमारी ईमानदारी में उतनी ही खुद्दारी है।
रद्द हो गई अब तो बारहवीं की परीक्षा , अब सवाल खड़ा परिणाम की कैसे करें समीक्षा। रद्द हो गई अब तो बारहवीं की परीक्षा , अब सवाल खड़ा परिणाम की कैसे करें समीक्षा...
दुनिया में ईश्वर की भक्ति से पवित्र और कुछ नहीं होता है। दुनिया में ईश्वर की भक्ति से पवित्र और कुछ नहीं होता है।
बरसो बाद मिले थे ..तीन यार, याद कर रहे थे, उन गुजारे लम्हों को आंखो में। बरसो बाद मिले थे ..तीन यार, याद कर रहे थे, उन गुजारे लम्हों को आंखो में।
तेरे सामने करती जी भर कर अपना अभ्यास, बताती है ठीक है या करना होगा और प्रयास तेरे सामने करती जी भर कर अपना अभ्यास, बताती है ठीक है या करना होगा और प्रयास
ग्राहक के इंतजार में आंखें बिछाये रहता है बीच बीच में ग्राहक के इंतजार में आंखें बिछाये रहता है बीच बीच में
समय के साथ, गुम हुई,कुछ इच्छाऐं , उन्हें ढूंढ कर लाऐं । समय के साथ, गुम हुई,कुछ इच्छाऐं , उन्हें ढूंढ कर लाऐं ।
दर्द सहकर भी लाती है। नई जिंदगी इस दुनिया में।। दर्द सहकर भी लाती है। नई जिंदगी इस दुनिया में।।