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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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क्या रावण का अंत हुआ?

क्या रावण का अंत हुआ?

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 क्या रावण का अंत हुआ ? इस प्रश्न का उत्तर हाँ भी है और न भी, फर्क तो बस नजरिए का है। वैसे भी ईमानदारी की बात तो यह है  कि रावण तब भी नहीं मरा था, जब श्रीराम ने मारा था, सच तो यह है कि उसे राम ने मारकर तारा था, क्योंकि रावण तो रावण था,  उसने प्रभु श्रीराम को ललकारा था। मगर आज का रावण  ऐसा करने की सोच भी नहीं सकता, क्योंकि इनकी आँखों के सामने तो अंधेरा छाया रहता। इसलिए इन रावणों को कहीं दूर-दूर तक  राम नजर ही नहीं आता। एक राज की बात बताऊँ? राम जी भी बहुत फिक्र नहीं कर रहे हैं, इतने सारे नित नये बढ़ रहे रावणों को  तारने की सोच भी नहीं रहे हैं। बस! इनकी करतूत चुपचाप देख रहे हैं। क्योंकि वो तो जानते ही हैं कि कलयुगिया रावण  ऐसे ही कुत्तों की मौत-बेमौत मर जायेंगे, मगर मुझसे लड़ने की हिम्मत तक नहीं कर पाएंगे, हाँ! अपना कुनबा जरुर बढ़ाते जायेंगे, मगर मोक्ष की बात तो सपने में भी सोच नहीं पाएंगे। अब आप बताओ कि अब भी यह पूछोगे? कि क्या रावण का अंत हुआ ? तो साफ शब्दों में यमराज मित्र कह रहा है  कि रावण का अंत न हुआ था और न ही होगा, बल्कि इनका विकास यूँ ही होता जाएगा, जिसका प्रमाण हमें-आपको इन रावणों के  नित नव तांडवों से साफ-साफ नजर आता ही जाएगा, आपके, हमारे, हर किसी के सवालों के जवाब  हमें निरुत्तर कर जाएंगे  और हम सब ऐसे बेतुके प्रश्न ही पूछना भूल जाएंगे। सुधीर श्रीवास्तव २२.१०.२०२६ रावण का अंत हुआ ? क्या रावण का अंत हुआ ? इस प्रश्न का उत्तर हाँ भी है और न भी, फर्क तो बस नजरिए का है। वैसे भी ईमानदारी की बात तो यह है  कि रावण तब भी नहीं मरा था, जब श्रीराम ने मारा था, सच तो यह है कि उसे राम ने मारकर तारा था, क्योंकि रावण तो रावण था,  उसने प्रभु श्रीराम को ललकारा था। मगर आज का रावण  ऐसा करने की सोच भी नहीं सकता, क्योंकि इनकी आँखों के सामने तो अंधेरा छाया रहता। इसलिए इन रावणों को कहीं दूर-दूर तक  राम नजर ही नहीं आता। एक राज की बात बताऊँ? राम जी भी बहुत फिक्र नहीं कर रहे हैं, इतने सारे नित नये बढ़ रहे रावणों को  तारने की सोच भी नहीं रहे हैं। बस! इनकी करतूत चुपचाप देख रहे हैं। क्योंकि वो तो जानते ही हैं कि कलयुगिया रावण  ऐसे ही कुत्तों की मौत-बेमौत मर जायेंगे, मगर मुझसे लड़ने की हिम्मत तक नहीं कर पाएंगे, हाँ! अपना कुनबा जरुर बढ़ाते जायेंगे, मगर मोक्ष की बात तो सपने में भी सोच नहीं पाएंगे। अब आप बताओ कि अब भी यह पूछोगे? कि क्या रावण का अंत हुआ ? तो साफ शब्दों में यमराज मित्र कह रहा है  कि रावण का अंत न हुआ था और न ही होगा, बल्कि इनका विकास यूँ ही होता जाएगा, जिसका प्रमाण हमें-आपको इन रावणों के  नित नव तांडवों से साफ-साफ नजर आता ही जाएगा, आपके, हमारे, हर किसी के सवालों के जवाब  हमें निरुत्तर कर जाएंगे  और हम सब ऐसे बेतुके प्रश्न ही पूछना भूल जाएंगे। सुधीर श्रीवास्तव  


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