कविता
कविता
प्यारी जग से न्यारी माँ
खुशियॉ देती सारी माँ
चलना हमे सिखाती माँ
मंजिल हमे दिखाती माँ
सबसे मीठा बोल है माँ
दुनिया से अनमोल है माँ
खाना हमें खिलाती है माँ
लोरी गाकर सुलाती है माँ
प्यारी जग से न्यारी माँ
