Ayush singh
Children
प्यारी जग से न्यारी मॉं
खुशियॉं देती सारी मॉं
चलना हमें सिखाती मॉं
मंजिल हमें दिखाती मॉं
सबसे मीठा बोल है मॉं
दुनिया में अनमोल है मॉं
खाना हमें खिलाती है मॉं
लोरी गाकर सुलाती है मॉं
कविता
मेरा देश राम कृष्ण बुद्ध और महावीर की धरती है। मेरा देश राम कृष्ण बुद्ध और महावीर की धरती है।
मां हमारी भोली भाली जैसे हो फूलों की डाली। मां हमारी भोली भाली जैसे हो फूलों की डाली।
तुम पढ़ लिख कर बदलो इसको यह कमज़ोर समाज तुम्हारा है। तुम पढ़ लिख कर बदलो इसको यह कमज़ोर समाज तुम्हारा है।
तुम्हारे संग हर दिन हंसी की बहार, तुमसे ही सजे दुनिया,ओ मेरे यार। तुम्हारे संग हर दिन हंसी की बहार, तुमसे ही सजे दुनिया,ओ मेरे यार।
आशीर्वाद से आपके सब काज सरे, जय हो वीर हनुमान, जीवन में जय की धुन बजे। आशीर्वाद से आपके सब काज सरे, जय हो वीर हनुमान, जीवन में जय की धुन बजे।
चिताओं के लग गए थे मेले भारत वासी बहुत रोये थे। चिताओं के लग गए थे मेले भारत वासी बहुत रोये थे।
घूमता हर परिंदा देखो ! अनिता मंदिलवार सपना। घूमता हर परिंदा देखो ! अनिता मंदिलवार सपना।
हमेशा याद रखेंगे हम, जीत की बजी शहनाई। हमेशा याद रखेंगे हम, जीत की बजी शहनाई।
न भविष्य, की चिंता , न भूतकाल का ज्ञान ! न भविष्य, की चिंता , न भूतकाल का ज्ञान !
तुम्हारे चरणों में है, भक्तों का जीवन मंगलमय, तुम्हारी भक्ति से ही, हम सबका जीवन उज्जव तुम्हारे चरणों में है, भक्तों का जीवन मंगलमय, तुम्हारी भक्ति से ही, हम सबका ज...
बेटियां अब किसी मैदान में पीछे भी नहीं। "सगीर" बेटों की तरह शान से पालो बेटी। बेटियां अब किसी मैदान में पीछे भी नहीं। "सगीर" बेटों की तरह शान से पालो बेटी।
पानी अब कुंए में नहीं, सिर्फ बोतलों में पड़ा है । पानी अब कुंए में नहीं, सिर्फ बोतलों में पड़ा है ।
रुकना राही का काम नहीं चलो ! अभी विश्राम नहीं। रुकना राही का काम नहीं चलो ! अभी विश्राम नहीं।
प्रेम हृदय हो हरा भरा, मन आह्लादित हो जाए।। प्रेम हृदय हो हरा भरा, मन आह्लादित हो जाए।।
मेरी प्यारी म्याऊं, मासूमियत का जश्न मनाएँ पालतू बिल्ली मौसी को हम स्नेह गले लगाएँ। मेरी प्यारी म्याऊं, मासूमियत का जश्न मनाएँ पालतू बिल्ली मौसी को हम स्नेह गले ...
हमारे जीवन की धारा, तुम्हारे प्रेम में बहती, हरि, तुम्हारी कृपा अपरंपार। हमारे जीवन की धारा, तुम्हारे प्रेम में बहती, हरि, तुम्हारी कृपा अपरंपार।
मगर मैंने नई नींव डाली है ये अनुपम। मगर मैंने नई नींव डाली है ये अनुपम।
साथ रहो सब मिलजुल कर यही पाठ मैं सिखलाता। साथ रहो सब मिलजुल कर यही पाठ मैं सिखलाता।
जिंदगी की यात्रा में, गुच्ची में बंद चंद कीमती सांसों का, सामान हुआ । जिंदगी की यात्रा में, गुच्ची में बंद चंद कीमती सांसों का, सामान हुआ ।
असफलताओं से आगे बढ़ कर तेरा एक सुनहरा कल होगा।। असफलताओं से आगे बढ़ कर तेरा एक सुनहरा कल होगा।।